English | हिन्दी | 中文 | Mac
मैं बहुत हैरान हूँ यह देख कर कि कुछ ही सालों पहले के मुकाबले में आजकल इन्टरनेट पर हिन्दी में बातचीत करने के लिए सुविधाओं की सच में बहुत बेहतरी हो गई है। आज मैं चंद "इन्टरनेट यंत्रों" को आपके सामने पेश करूंगा।

पहला है Google Indic Transliteration। इसकी चर्चा मैंने पहले भी बहुत की है, पर जितना कहा जाए कम है। इसका इस्तेमाल करके आप हिन्दी में लेखों की रचना कर सकतें हैं, और किसी भी कंप्यूटर पर, क्योंकि गूगल की ज़्यादातर सुविधाओं की तरह यह भी आपके इन्टरनेट ब्राउज़र के अन्दर काम करता है। और यह केवल हिन्दी नहीं, बल्कि बहुत सी अन्य भाषाओं में भी उपलब्ध है, इसलिए आप चाहें तो बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, नेपाली, तमिल व तेलुगु में भी संचार कर सकतें हैं।

दूसरा योग्य यंत्र है हिन्दी Firefox। Firefox अब मेरे कंप्यूटर पर केवल दूसरा ही ऐसा प्रोग्राम है जो सर से पाऊँ तक हिन्दी में है (पहला ऐसा प्रोग्राम मैंने ख़ुद ही बनाया था)। यह अपने आप में कोई ख़ास बात नहीं है, परन्तु क्योंकि मेरा इतने सालों से लिखित हिन्दी से तालुक़ नहीं रहा है, मेरी हिन्दी पढ़ने की रफ़्तार बहुत ही धीमी हो गयी है। हिन्दी Firefox के लगातार उपयोग का लाभ यह है कि मेरा हिन्दी के साथ लगातार संपर्क बना रहता है, और हिन्दी में कुछ तकनीकी शब्द भी सीखने को मिल जाते हैं।

तीसरा यंत्र भी पहले की तरह एक वेबसाइट है। आजकल बहुत सारे हिन्दी के शब्द मुझे जल्दी से याद नहीं आते हैं (आठवी कक्षा से अभ्यास जो नहीं किया है)। एक शब्दकोष हो तो आसानी से उन शब्दों को खोज सकतें हैं जो याद में न आ रहे हों। shabdkosh.org मेरे ख़याल से इन्टरनेट पर सबसे अच्छा हिन्दी शब्दकोष है और मैं हिन्दी लेख लिखने के समय इसे हमेशा खोले रखता हूँ। गूगल ने भी हाल ही में हिन्दी में अनुवाद सुविधा खोली है और यह भी एक उत्तम सुविधा है। अगर आप हिन्दी शब्दकोष किताबी रूप में खरीदना चाहतें हैं तो मेरे ख़याल से आपको दो अलग अलग किताबें खरीदनी पड़ेंगी। मैं इन दो किताबों का उपयोग करता हूँ: हिन्दी-अंग्रेज़ीअंग्रेज़ी-हिन्दी

चौथा है गूगल का Google Talk Transliteration यंत्र। इसका उपयोग करके आप गूगल टॉक इस्तेमाल करने के समय हिन्दी में बातचीत कर सकतें हैं। ऐसा ही एक और यंत्र Blogger Gmail में भी उपलब्ध है, इनकी सहायता से आप अपने लेख हिन्दी में लिख सकतें हैं (मेरी तरह!)।

एक आखरी चीज़ है जो Mac के उपयोगकर्ताओं के कम आएगी। आप System Preferences > International में जाकर, Edit List बटन दबा कर हिन्दी भाषा को भी भाषाओं की सूची में डाल सकतें हैं, और अगर हिन्दी को सूची में सबसे ऊपर वाले खाने में रखेंगे तो वे वेबसाइटें जिनका हिन्दी वर्णन उपलब्ध है वे हिन्दी में प्रकाषण होंगी। गूगल की ज़्यादातर वेबसाईटें हिन्दी में उपलब्ध हैं और बहुत सी अन्य साईटें भी हिन्दी में उपलब्ध हैं, जैसे meebo.comगूगल समाचार

आशा है कि यह यंत्र आपके काम आएँगे!

Labels:

  • तुम्हारी हिंदी में लिखने की चाह सराहनीये है परन्तु तुम हिंदी की posts (लेखों?) में उर्दू के शब्दों का बहुत प्रयोग करते हो.
    तब भी तुम्हारे लेख देखकर मुझ में भी हिंदी में लिखने की चाह जाग उठी है :-)
  • BTW मैं अपने computer पर http://www.baraha.com/ का प्रयोग करता हूँ.
  • मेरी बात सुनो तो उर्दू और हिन्दी में कोई अंतर न करो. ज़्यादातर (अधिकतम बोलूँ क्या?) हिन्दुस्तानी लोग उर्दू के शब्द इस्तेमाल (उपयोग बोलूँ क्या?) किये बगैर एक दिन भी नहीं बिता सकते. सख्त तौर से देखा जाए तो "आम" जैसे आम शब्द भी उर्दू के हैं. अगर मेरी हिन्दी से उर्दू के शब्द निकाल लोगे तो तुम मेरे मुँह से आधी से ज़्यादा बातें छीन लोगे.
  • @Karan
    आप ने सही कहा के उर्दू और हिन्दी में कोई ज़्यादा अंतर नहीं है. सिर्फ़ लिपि का फ़र्क़ है. यही वजह है के मैं उर्दू के साथ साथ हिन्दी में भी ब्लॉग्गिंग करता हूँ.

Post a Comment